Monday, September 6, 2021

तलाश

हर लहर को तलाश है किनारे की, 

हर नदी तलाश रही है अपना समंदर, 

हर दीवाना को तलाश एक दिल की, 

तलाश में जो बेचैनी है न, 

उसको भी तलाश है, तलाश खत्म होने की,

किसी न किसी तलाश में सभी गुम हैं, 

सफर भी, मुकाम भी, इंतजार भी, मंजिल भी,  

हर किसी को तलाश है,  

खुशी की, साथ की, प्यार की,  

किसी को त'आरुफ़ की है तलाश,   

तो कोई तकदीर की तस्वीर में खुद को रहा है तलाश। 

तमन्नाओं और ख्वाबों का हिस्सा बन्ना चाहता है कोई, 

तो किसी की ख्वाहिश है, तारीखों में तलाशा जाए,  

बस हो कुछ यूं कि हर तलाश जिंदगी के और करीब लाए, 

हर तलाश के बाद हम खुद को ज्यादा जान पाएं। 


  


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